Kagaj Ka Avishkar Kisne Kiya – कागज का आविष्कार किसने किया और कब?

Kagaj Ka Avishkar Kisne Kiya – कागज का आविष्कार मानव जीवन के अनेक क्रियाकलापों का एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है भले ही आज अक्सर काम ऑनलाइन मोबाइल या लैपटॉप के जरिए देखने व पढ़ने को मिल जाते हैं परंतु कागज के बिना किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त या सीखना और सिखाना आज भी उतना ही कठिन है जितना की पहले था।

आज से वर्षों पहले जब कागज का आविष्कार नहीं हुआ था तब पहले के व्यक्ति किसी भी शब्द को लिखने के लिए वह समझाने के लिए दीवारों तथा पत्थरों का इस्तेमाल करते थे और उन्हीं दीवारों तथा पत्थरों पर शब्दों को लिखा जाता था जिसकी मदद से दूसरे लोग उस पत्थर या दीवारों पर लिखे शब्दों को पढ़कर समझ जाया करते थे। और इन सभी के बाद धीरे-धीरे यह और भी प्रचलित होने लगा और फिर ब्लैक बोर्ड तथा तक्थी जैसे सामानों का प्रयोग किसी भी शब्द कोल्ड प्ले के लिए प्रयोग किया जाने लगा था।

और फिर धीरे-धीरे इसका विकास बढ़ता गया और फिर प्राचीन काल में ही एक ऐसे महान व्यक्ति ने घास फूस और लकड़ी का इस्तेमाल करके कागज का आविष्कार किया जो कि आज दुनिया के सभी व्यक्ति कागज द्वारा निर्मित उपयोगी चीजों का तथा किसी भी लिपि शब्द को लिखने के लिए कागज का इस्तेमाल करते हैं।

वैसे आज की या पोस्ट आप सभी लोग पूरा अंत जरूर पढ़ना क्योंकि आज के इस पोस्ट में हम कागज के बारे में विस्तार से जानने वाले हैं की कागज का आविष्कार किसने किया था और कब किया था? तथा कागज कैसे बनाया जाता है? इसके अलावा कागज का आविष्कार किस देश में हुआ था?

इन सभी चीजों के बारे में आज के इस पोस्ट में हम जाने वाले हैं यह पोस्ट आपके लिए काफी मददगार होने वाला है क्योंकि जिसका इस्तेमाल हम सभी लोग हर दिन और बचपन से करते आए हैं और हम अपने भविष्य में भी करेंगे उसके बारे में आपको जानकारी होना अति आवश्यक है तो चलिए बिना ज्यादा समय बिताए इस पोस्ट (Kagaj Ka Avishkar Kisne Kiya) को शुरू करते हैं।

कागज का आविष्कार किसने किया था ? – Kagaj Ka Aavishkar Kisne Kiya Tha Aur Kab Kiya Tha

Kagaj Ki Khoj Kisne Ki Thi – कागज का आविष्कार सर्वप्रथम चीन के निवासी ‘त्साई-लुन’ नाम के व्यक्ति ने किया था। सूत्रों के अनुसार यह माना जाता है कि कागज का आविष्कार आज से हजारों वर्षों पहले सन 202 ईसा पूर्व हान राजवंश के शासनकाल में हुआ था। और यह कागज का आविष्कार सर्वप्रथम चीन देश में त्साई लुन के द्वारा किया गया था।

परंतु कुछ सालों पहले जब सिंधु सभ्यता के खोजकर्ताओं द्वारा छानबीन तथा खुदाई की जा रही थी तब कागज के कई ऐसे प्रमाण मिले जो कि यह साबित करता है कि भारत में आज से प्राचीन काल पहले कागज का आविष्कार हो चुका था। काफी ज्यादा छानबीन के बाद यह पता चला कि सर्वप्रथम कागज का आविष्कार 202 ईसा पूर्व पहले चीन में हुआ था परंतु चीन के बाद दूसरे नंबर पर कागज का आविष्कार भारत में हुआ था।

आज से हजारों वर्षों पहले Cai Lun ने लिखने पढ़ने के लिए कागज का आविष्कार बांस तथा फास्ट फूड पेड़ की पत्तियों आदि के छाल के द्वारा कागज बनाया करते थे परंतु यह चीजें ज्यादा उपलब्ध नहीं थी और यह सभी प्रकार की वस्तुएं काफी महंगी और कम मात्रा में होने के कारण कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था और धीरे-धीरे Cai Lun ने कागज बनाने को लेकर और भी ज्यादा खोजबीन करने लगे इसके बाद त्साई लुन ने कागज का निर्माण शहतूत के पत्ते तथा अनेक प्रकार के पेड़ के पत्ते तथा उनके छाल और कई प्रकार के रेशे के द्वारा कागज का निर्माण किया करते थे।

कागज का आविष्कार कब हुआ था? Kagaj Ka Aavishkar Kab Hua Tha

Kagaj Ka Avishkar Kab Hua Tha – कागज का आविष्कार सर्वप्रथम 202 ईसा पूर्व यानी की लगभग 105वें वर्ष में चीन में हुआ था परंतु इसके तत्पश्चात भारत में सिंधु सभ्यता की छानबीन में कागज के कई ऐसे प्रमाण मिले जो यह साबित करता है कि चीन के बाद दूसरे नंबर पर भारत में कागज का आविष्कार हुआ था।

कागज का इतिहास

प्राचीन काल में जब कागज का आविष्कार नहीं हुआ था तब प्राचीन काल के लोग लिखने के लिए ताड़पत्रों का प्रयोग करते थे। इसके अलावा पत्थरों, ताम्रपत्र, शिलालेखों, लकड़ी तथा दीवारों का पर भी अपनी कला दर्शाते थे और लिखते थे। इतिहासकारों के अनुसार महत्वपूर्ण लेखों को शिलालेखों पर इसलिए लिखा जाता था जिससे की महत्वपूर्ण लेखों को सुरक्षित रखा जा सके।

फिर इसके तत्पश्चात इतिहासकारों का मानना है की 201 ईसा पूर्व में हान राजवंश के शासनकाल में चीन के निवासी ‘त्साई लुन’ नें कागज का आविष्कार किया था। चूंकि इसके पहले आविष्कार में रेशम के कपड़े, बांस के बने कागज का आविष्कार किया था। यह आविष्कार उस समय का सबसे उपयोगी आविष्कार में से एक था।

परंतु यह इन सभी के द्वारा बनाया गया कागज और कागज का आविष्कार काफी चीन वासियों को काफी महंगा पड़ता था। और फिर ‘त्साई लुन’ नें कागज को बनाने के लिए और भी ज्यादा गहन अध्ययन करने लगे जिससे की कागज को कम लागत में सस्ता, हल्का और अच्छा बनाया जा सके।

परंतु कई इतिहासकारों का यह भी मानना है कि कागज सबसे पहले मिस्र के एक निवासी पेपिरस एंटीकोरियम नामक घास के द्वारा बनाया गया था। कागज को लेकर अलग अलग इतिहासकार अपने अपने विचार रखें हैं।

परंतु अगर हम बात करें भारत की तो भारत में कागज का आविष्कार सिंधु सभ्यता में ही हो गया था। क्योंकि खोजकर्ताओं के द्वारा ऐसे कई सुराख मिले है जिससे यह स्पष्ट किया जाता है की सिंधु सभ्यता में ही भारत के पहला कागज बनाने का कारखाना कश्मीर में ‘सुल्तान जैनुल आबईदीन’ के द्वारा सन् 1417 – 1467 में लगवाया गया था।

और आधुनिक युग में भारत के कई शहरों में कागज का निर्माण होने लगा है और भारत के कई शहरों के कागज निर्माण के कारखाने हो चुके हैं और तरह तरह की मशीनो का भी आविष्कार हो चुका है जो अलग अलग प्रकार के कागज का निर्माण करते हैं।

आज के समय में आम तौर पर कागज बनाने के लिए लकड़ी, बांस तथा घास फूस और गन्ने के छाल का उपयोग किया जाता है। आज के समय में कागज भविष्य के लिए बहुत बड़ी भूमिका निभाता है।

कागज के उपयोग

कागज का उपयोग आज हर क्षेत्र में हर जगह और हर व्यक्ति करता है और ऐसा कोई व्यक्ति नहीं जो कागज का इस्तेमाल अभी तक ना किया हो और ना करता हो। तो चलिए इसके कुछ उपयोग के बारे में जान लेते हैं –

  • कागज का उपयोग सभी छोटे बच्चे से लेकर बड़े व्यक्ति पढ़ाई लिखाई के लिए इस्तेमाल करते हैं।
  • सभी प्रकार कॉपी तथा किताबें इस कागज के द्वारा बनाई गई होती हैं।
  • कागज पेपर का इस्तेमाल सभी प्रकार के दफ़तारों तथा कंपनियों में किया जाता है।
  • बाजारों तथा दुकानों में मिलने वाले समान अक्सर कागज के मोठे गस्ते में ही पैकिंग करके आती है।

FAQ

कागज का आविष्कार कब और किसने किया?

Kagaj Ki Khoj Kisne Kiya Tha – कागज का आविष्कार 201 ईसा पूर्व में Cai Lun नामक व्यक्ति नें किया था जो की चीन का निवासी था।

भारत में कागज का आविष्कार कब हुआ था?

Kagaj Ki Khoj Kahan Hui Thi – भारत में कागज का आविष्कार सिंधु सभ्यता मे हुआ था।

कागज का आविष्कार कहाँ हुआ था?

Kagaj Ka Avishkar Kis Desh Mein Hua – कागज का आविष्कार सर्वप्रथम चीन में तथा उसके बाद भारत में हुआ था।

पेपर का आविष्कार कौन किया था?

Kagaj Ki Khoj Kahan Ki Gayi Thi – पेपर के आविष्कारक में सर्वप्रथम Cai Lun तथा Elmer L. Gaden का नाम आता है।

कागज का आविष्कार सर्वप्रथम किस देश में हुआ था?

Kagaj Ka Avishkar Kis Desh Ne Kiya – कागज का आविष्कार सर्वप्रथम चीन देश में हुआ था।

कागज का आविष्कार किस सन में हुआ था?

Kagaj Ki Khoj Kab Ki Gai – कागज का आविष्कार 202 ईसा पूर्व में यानी की 105वें सन् में कागज की खोज हुई थी।

कागज की खोज में हुई?

Kagaj Ki Khoj Kis Mein Hui – कागज की खोज 105वें वर्ष में हुई थी।

पेंसिल का आविष्कार किसने किया?

पेंसिल का आविष्कार Conrad Gessner, William Munroe तथा Nicolas-Jacques Conte नें अलग अलग तरीके के पेंसिल का आविष्कार किया और इस आविष्कार का श्रेय इन तीनों महान वैज्ञानिक को जाता है।

कागज का आविष्कार महत्वपूर्ण क्यों था?

Kagaj Ka Avishkar Kisne Kiya – ऐसा माना जाता है की प्राचीन का में किसी भी प्रकार का लेख लिखने के लिए बांस या रेशम के कपड़े का प्रयोग किया जाता था जो की भारी मात्रा मे ना उपलब्ध होने के साथ साथ यह काफी महंगा भी पड़ता था, इसीलिए Cai Lun के द्वारा घास फूस तथा पेंडों के छाल के द्वारा कागज का निर्माण और आविष्कार किया।

भारत में कागज का पहला कारखाना कहाँ लगाया गया था?

भारत का पहला कागज का कारखाना सन् 1832 में पश्चिम बंगाल के श्रीरामपुर मे लगाया गया था। इसके बाद 1870 में कोलाकाता के पास बालीगंज के इलाके में दूसरा कागज का कारखाना स्थापित किया गया।

कागज का कारखाना कहाँ कहाँ है?

वर्तमान समय में भारत के अंदर कागज का कारखाना टीटागढ़, सहारनपुर, जगाधरी, नेपाल तथा कुछ अन्य राज्यों में स्थित है।

आखरी शब्द –

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